स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका: असम में एक लाख शिक्षक सीखेंगे एआई, बिहार में गूगल से करार, क्या है तैयारी?
स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका: असम में एक लाख शिक्षक सीखेंगे एआई, बिहार में गूगल से करार, क्या है तैयारी? AI In School Education: स्कूलों में पढ़ाई का तरीका आने वाले समय में बदल सकता है। असम ने छह संस्थाओं के साथ मिल…

सौजन्य से:- Amar Ujala
स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका: असम में एक लाख शिक्षक सीखेंगे एआई, बिहार में गूगल से करार, क्या है तैयारी?
AI In School Education: स्कूलों में पढ़ाई का तरीका आने वाले समय में बदल सकता है। असम ने छह संस्थाओं के साथ मिलकर शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल की तैयारी शुरू की है। बिहार में भी शिक्षकों को एआई उपकरणों का प्रशिक्षण देने के लिए गूगल के साथ समझौता किया जा रहा है। झारखंड ने भी एआई को प्रभावी शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया है।
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AI In School Education: स्कूलों में पढ़ाई का तरीका अब सिर्फ किताब और कक्षा तक सीमित नहीं रहने वाला है। शिक्षक दिवस पर असम, बिहार और झारखंड से सामने आए कदम बताते हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी तेज हो रही है। असम ने करीब एक लाख शिक्षकों को एआई का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है, वहीं बिहार ने गूगल के साथ शिक्षकों को एआई उपकरणों की जानकारी देने के लिए करार किया है। झारखंड ने भी एआई और नई तकनीक को पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने से जोड़ा है।
असम में क्या है तैयारी?
असम सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए छह संस्थाओं के साथ समझौता किया है। शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने बताया कि इन सहयोगों का उद्देश्य समावेशी और विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार सीखने की व्यवस्था तैयार करना है।
इन समझौतों के तहत शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया जाएगा। सबसे बड़ी योजना शिक्षकों को एआई के लिए तैयार करने की है। कक्षा 6 से 12 तक के करीब एक लाख शिक्षकों को मई 2027 तक एआई दक्षता का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है।
एक लाख शिक्षकों को कैसे मिलेगा प्रशिक्षण?
- असम में आईआईटी मद्रास और बोधन एआई के साथ साझेदारी के तहत शिक्षकों की एआई क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
- गूगल एआई के साथ सहयोग में शिक्षकों को एआई आधारित शैक्षणिक उपकरण, डिजिटल कौशल और पेशेवर विकास से जुड़ा प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।
- इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने में सक्षम बनाना है, ताकि वे विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी बना सकें।
एआई का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई में कैसे होगा?
असम में एआई का इस्तेमाल केवल शिक्षक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। अलग-अलग संस्थाओं के साथ हुए सहयोग में विद्यार्थियों की पढ़ाई और मूल्यांकन को भी शामिल किया गया है।
- विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता का एआई आधारित आकलन किया जाएगा।
- मूलभूत साक्षरता को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
- विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत और एआई-सहायित सीखने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
- मूलभूत साक्षरता और गणितीय क्षमता को मजबूत करने में तकनीक का इस्तेमाल होगा।
- शिक्षकों और विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता, रचनात्मकता, डिजाइन सोच और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
- स्कूल से बाहर रहने वाले किशोरों, खासकर लड़कियों की पहचान, नामांकन और पढ़ाई जारी रखने में भी सहयोग किया जाएगा।
बिहार में क्या कदम उठाया गया है?
बिहार में भी स्कूल शिक्षा में एआई के इस्तेमाल की दिशा में तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षकों को एआई उपकरणों का प्रशिक्षण देने के लिए गूगल के साथ समझौता कर रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नई तकनीक और एआई के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बेहतर तरीके से पढ़ा सकें। बिहार में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और सर्वम एआई के सहयोग से आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तंत्र विकसित करने की भी बात कही गई है।
बिहार में विद्यार्थियों को एआई से क्या फायदा होगा?
- बिहार में बिहार विद्या साथी के जरिए डिजिटल पढ़ाई का दायरा बढ़ाया गया है।
- यह चौबीसों घंटे संवाद आधारित डिजिटल शिक्षण और एआई की मदद से सवालों के समाधान की सुविधा देता है।
- इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान अपनी शंकाओं का समाधान पाने में मदद मिल सकती है।
- शिक्षकों के लिए एआई प्रशिक्षण का उद्देश्य उनकी शिक्षण क्षमता को बेहतर करना है।
झारखंड में एआई को लेकर क्या कहा गया?
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षक दिवस पर कहा कि समय के साथ शिक्षा व्यवस्था भी बदल रही है। उनके मुताबिक, एआई और नई तकनीक पढ़ाने की प्रक्रिया को अधिक सहज और प्रभावी बनाने के साथ उसे विद्यार्थियों की जरूरत के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने और उसे मजबूत करने के लिए सुधार के प्रयास कर रही है। साथ ही नई तकनीक के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है।
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