DU के हजारों छात्रों के सामने हॉस्टल संकट, NHRC ने दिल्ली सरकार-UGC को 15 अक्टूबर तक मांगी कार्ययोजना - nhrc demands action on delhi university hostel shortage
DU के हजारों छात्रों के सामने हॉस्टल संकट, NHRC ने दिल्ली सरकार-UGC को 15 अक्टूबर तक मांगी कार्ययोजना दिल्ली विश्वविद्यालय में हजारों छात्रों को छात्रावास की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग न…

सौजन्य से:- jagran.com
DU के हजारों छात्रों के सामने हॉस्टल संकट, NHRC ने दिल्ली सरकार-UGC को 15 अक्टूबर तक मांगी कार्ययोजना
दिल्ली विश्वविद्यालय में हजारों छात्रों को छात्रावास की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ...और पढ़ें
HighLights
- डीयू में हजारों छात्रों को छात्रावास की कमी का सामना।
- एनएचआरसी ने इसे गंभीर मानवाधिकार मुद्दा माना।
- दिल्ली सरकार, यूजीसी को चार सप्ताह में कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिला लेने के बाद भी हजारों छात्रों के सामने रहने की जगह का संकट बना हुआ है। खासकर दिल्ली से बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को किफायती छात्रावास नहीं मिलने के कारण महंगे पीजी और निजी किराये के मकानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
छात्रावासों की इस कमी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गंभीर मानवाधिकार का मुद्दा मानते हुए अब दिल्ली सरकार और यूजीसी को जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
एनएचआरसी ने दिल्ली के मुख्य सचिव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष को दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ समन्वय कर छात्रावासों की वास्तविक कमी का आकलन करने और उसे दूर करने की ठोस, समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने साफ किया है कि महज नए छात्रावास बनाने का आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा। मौजूदा छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने, उनका विस्तार, नवीनीकरण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के साथ नए छात्रावासों की जरूरत भी तय करनी होगी।
आयोग ने कालेज-वार छात्रावास की जरूरत का आकलन करने को भी कहा है। इसके साथ प्रस्तावित कार्य, संस्थागत एवं वित्तीय जिम्मेदारी और प्रत्येक काम को पूरा करने की समय-सीमा भी तय करनी होगी।
मुख्य सचिव और यूजीसी अध्यक्ष को यह रिपोर्ट चार सप्ताह में, यानि 15 अक्टूबर 2026 तक, एनएचआरसी में दाखिल करनी होगी।
72 हजार स्नातक छात्र, आवास की स्थिति स्पष्ट नहीं
यह मामला वर्ष 2025 में नेटवर्क फार एक्सेस टू जस्टिस एंड मल्टीडिसिप्लिनरी आउटरीच फाउंडेशन की शिकायत पर एनएचआरसी के सामने आया था। शिकायत में बताया गया कि डीयू में करीब 72 हजार स्नातक विद्यार्थी हैं, लेकिन इनके अनुपात में छात्रावासों की उपलब्धता बेहद कम है।
बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित और किफायती आवास की होती है। महंगे पीजी का खर्च उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है और कई छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
30 सितंबर 2025 को एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने पर आयोग को रिमाइंडर जारी करना पड़ा। बाद में डीयू ने अपना जवाब दाखिल किया।
डीयू के जवाब से आयोग संतुष्ट नहीं
डीयू ने बताया कि उसके स्नातक कार्यक्रम 65 घटक और संबद्ध कालेजों के माध्यम से संचालित होते हैं। डीयू ने बाहर से आने वाले छात्रों की आवास संबंधी कठिनाइयों और अतिरिक्त छात्रावास सुविधाओं की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। लेकिन आयोग ने विश्वविद्यालय के जवाब को मूल समस्या का पर्याप्त समाधान नहीं माना।
जवाब में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वर्तमान में कुल छात्रावास क्षमता कितनी है, छात्रों की वास्तविक जरूरत कितनी है और कितने अतिरिक्त छात्रावास या कितनी अतिरिक्त क्षमता की आवश्यकता होगी। इसके अलावा खर्च कौन उठाएगा और काम कब तक पूरा होगा, इसका भी स्पष्ट खाका नहीं दिया गया था।
Powered by शिक्षा खबर Skillogy
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
Jamia Hostel Protest: आइसा ने लगाया छात्रों की पिटाई का आरोप, विश्वविद्यालय ने दावे को बताया गलत - dainiktribuneonline.com

Lucknow News: सुभाष छात्रावास में मारपीट के मामले में पांच छात्र निलंबित

बीएचयू में छात्रावास आवंटन को लेकर दृष्टिबाधित छात्रों का प्रदर्शन

Delhi University to more than double hostel capacity, total seats to reach 12,754

विश्वविद्यालयों का हाल: देशभर में 4.5 करोड़ छात्र, हॉस्टल सीटों का केंद्रीय डाटा नहीं; कितनों को मिलती है जगह?

‘छात्रावास का कमरा है, फाइव-स्टार सुइट नहीं’, लखनऊ यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की फीस बढ़ने पर छात्रों का प्रदर्शन

योगी सरकार लागू करेगी 'छात्र मानसिक स्वास्थ्य नीति', हर कॉलेज में बनेगी सपोर्ट सेल - up yogi govt to implement student mental health policy

DUâs hostel crunch is more than a decade-old problem. Can Delhi learn from universities abroad? | Delhi News - The Times of India
ताज़ा ख़बरें
- यूपी: उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बनेगी समान नीति, तनावमुक्त होगा माहौल
- NSUI का रायपुर में मार्च, 9 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, एक्स्ट्रा मार्क्स, छात्रावास सुविधा, गुणवत्तापूर्ण खाना देने की डिमांड
- 'भ्रामक': सरकार ने डुपके के दावे की जांच की कि 'डीयू साउथ कैंपस में एक हॉस्टल ढह गया है'
- सात लाख स्टूडेंट्स वाले डीयू में हॉस्टल सिर्फ 7000, बाहरी छात्रों का सहारा बने पीजी-किराए के आवास - delhi university hostel shortage students rely on pgs
- Hostel collapse near Delhi University’s south campus leaves one dead, dozens trapped
- दिल्ली विश्वविद्यालय ने विषम सेमेस्टर के लिए सीईएस 2026 आवेदन शुरू किए - डीयू बीट - दिल्ली विश्वविद्यालय का स्वतंत्र छात्र समाचार पत्र
- 1K views | गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। वीडियो में खाने में कीड़े होने का दावा किया गया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया है और जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है। #GorakhpurUniversity #Hostel #ViralVideo #UPNews | Dynamite News Hindi
- Budaun News: हाईस्कूल में विज्ञान-गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा भी कराएगा बोर्ड

