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सरकारी स्कूल में कांवेंट जैसी पढ़ाई करा रही पल्लवी: हाथरस में संवार रहीं स्कूली बच्चों का भविष्य, राज्य अध्यापक पुरस्कार से हो चुकीं सम्मानित - Hathras News

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10 अक्टूबर 2026 को 07:02 am बजे
सरकारी स्कूल में कांवेंट जैसी पढ़ाई करा रही पल्लवी:  हाथरस में संवार रहीं स्कूली बच्चों का भविष्य, राज्य अध्यापक पुरस्कार से हो चुकीं सम्मानित - Hathras News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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सरकारी स्कूल में कांवेंट जैसी पढ़ाई करा रही पल्लवी:हाथरस में संवार रहीं स्कूली बच्चों का भविष्य, राज्य अध्यापक पुरस्कार से हो चुकीं सम्मानित

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पिता का सपना था कि बेटी बड़ी होकर आईएएस अधिकारी बने लेकिन हालात बदले तो पल्लवी चतुर्वेदी ने शिक्षण क्षेत्र में अपनी राह चुनी। खुद कॉन्वेंट स्कूल और फिर एएमयू में पढ़ी पल्लवी चतुर्वेदी वर्तमान में सासनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका हैं। वह इस परिषदीय विद्यालय के बच्चों को इस तरह से शिक्षित कर रही हैं जिस तरह से कॉन्वेंट स्कूलों में बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं।

आज पल्लवी सरकारी विद्यालय में बच्चों का भविष्य संवारते हुए प्रदेश स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। हाथरस जिले के सासनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की विज्ञान शिक्षिका पल्लवी चतुर्वेदी को उत्कृष्ट शिक्षण कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हाल में ही मुख्यमंत्री ने उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया था। पल्लवी चतुर्वेदी का मायका अलीगढ़ और ससुराल हाथरस में है। उनके पिता पीसीएस अधिकारी रहे हैं। पल्लवी चतुर्वेदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अलीगढ़ के ब्लू वर्ल्ड स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने एमएससी, बीएड और बीटीसी की। बीएड की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से की। वर्ष 2009 में उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। पदोन्नति के बाद 20 सितंबर 2013 को सासनी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यभार संभाला। तब से वह इसी विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रही हैं।

शिक्षण कार्य में शुरू किए नए प्रयोग

पल्लवी बताती हैं कि उनकी अपनी पढ़ाई कॉन्वेंट स्कूल में हुई थी, लेकिन जब वह परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका बनीं तो उन्हें यहां भी काम करने और बच्चों की प्रतिभा को निखारने की अपार संभावनाएं नजर आईं। इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षण कार्य में नए प्रयोग शुरू किए।

डॉ. कलाम के विचारों से मिली प्रेरणा

पल्लवी पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों से प्रेरित हैं। पल्लवी बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगात्मक और सृजनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करती हैं। विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ाने और उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान देती हैं।

विद्यालय के बच्चे लगातार कर रहे उपलब्धि हासिल पल्लवी के मार्गदर्शन में इस विद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले चार शैक्षणिक सत्रों से राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में जनपद स्तर पर लगातार शीर्ष दस में स्थान प्राप्त कर रहे हैं। हाल ही में विद्यालय के छात्र मनीष कुमार ने जनपद स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया। पल्लवी के अनुसार, पिछले वर्ष भी विद्यालय का एक विद्यार्थी शीर्ष तीन में पहुंचा। वर्ष 2022 की राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) में उनके मार्गदर्शन में सात विद्यार्थियों का चयन हुआ था। इस उपलब्धि पर उन्हें लखनऊ में सम्मानित किया गया।

उनके विद्यालय के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवार्ड के लिए भी चयन हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए हाथरस महोत्सव में जिलाधिकारी ने भी उन्हें सम्मानित किया था। वह बताती हैं कि विद्यालय का स्टाफ काफी सहयोगी है। सभी के आपसी सहयोग से बच्चों की शिक्षा और उनके विकास के लिए काम करने का अवसर मिलता है।

बच्चों की उपलब्धि ही मेरी सफलता पल्लवी चतुर्वेदी की सफलता बताती है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलें, तो वे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। पल्लवी आज शिक्षिका के रूप में प्रदेश स्तरीय सम्मान तक पहुंच चुकी है। बच्चों की सफलता को अपनी उपलब्धि मानने वाली पल्लवी की कहानी अन्य महिलाओं और शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

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