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नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर साहिबगंज कॉलेज में बैठक

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर साहिबगंज कॉलेज में बैठक साहिबगंज कॉलेज में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रियान्वयन को लेकर बैठक हुई। प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने विभिन्न शैक्षणिक विकल्पों पर चर्चा की और विद्यार्थियों…

26 सितंबर 2026 को 06:02 pm बजे
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर साहिबगंज कॉलेज में बैठक

सौजन्य से:- Hindustan

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर साहिबगंज कॉलेज में बैठक

साहिबगंज कॉलेज में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रियान्वयन को लेकर बैठक हुई। प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने विभिन्न शैक्षणिक विकल्पों पर चर्चा की और विद्यार्थियों को शोध में रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अनिवार्य उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

साहिबगंज। नई शिक्षा नीति (एमईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों की बैठक साहिबगंज कॉलेज के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने की।

बैठक की चर्चा

बैठक में यूजी सेमेस्टर 6 के बाद विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न विकल्पों, एग्जिट प्रावधान, चतुर्थ वर्ष में नामांकन तथा शोध से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। एनईपी नोडल पदाधिकारी एवं अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सेमी विक्टर मरांडी ने सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय(दुमका) में आयोजित एनईपी नोडल पदाधिकारियों की बैठक में प्राप्त जानकारी एवं विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को एनईपी के तहत उपलब्ध अध्ययन, एग्जिट, आगे की पढ़ाई एवं शोध संबंधी विकल्पों की स्पष्ट जानकारी देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्राचार्य का संदेश

प्राचार्य ने कहा कि सेमेस्टर-6 के बाद विद्यार्थियों के सामने उपलब्ध विभिन्न विकल्पों की सही एवं स्पष्ट जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे अपने भविष्य और आगे की पढ़ाई को लेकर उचित निर्णय ले सकें। उन्होंने विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि विकसित करने तथा उन्हें चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेमेस्टर-6 के बाद एग्जिट लेने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित प्रावधान के अनुसार यूजी डिग्री प्राप्त होगी। जबकि यूजी ऑनर्स की डिग्री के लिए संबंधित आगे के प्रावधानों को पूरा करना होगा।

उपस्थिति की चिंता

बैठक में कॉलेज के विभिन्न पाठ्यक्रमों की कक्षाओं में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर प्राचार्य ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया। मौके पर भूगर्भशास्त्र विभागाध्यक्ष सैयद रजा इमाम रिजवी, मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव ज्योति कुमार सिंह, डॉ. संजीव कुमार सिंह, डॉ. शिवानंद अवस्थी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. मीरा चौधरी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. वसीम रजा, डॉ. शोभा मुर्मू, डॉ. रूपा, डॉ. रश्मि रानी, डॉ. सोनू फ्रांसिस मुर्मू, डॉ. संतोष कुमार चौधरी, डॉ. दिनेश कुमार यादव आदि शिक्षक थे।

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