एसआरएचयू में प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में नई शिक्षा नीति पर मंथन
एसआरएचयू में प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में नई शिक्षा नीति पर मंथन स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा प्रिंसिपल कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों की नई जरू…

सौजन्य से:- Hindustan
एसआरएचयू में प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में नई शिक्षा नीति पर मंथन
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा प्रिंसिपल कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों की नई जरूरतों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा हुई। विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने विद्यार्थियों के समग्र विकास और कौशल विकास पर अपने विचार साझा किए। कॉन्क्लेव ने स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को महत्व दिया।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की पहल पर प्रिंसिपल कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। शेपिंग टुमॉरो बिगिन्स टुडे (भविष्य का निर्माण आज से शुरू होता है) थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से 70 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षाविद शामिल हुए। शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों की नई जरूरतों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) व स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच बेहतर समन्वय पर विचार-विमर्श किया गया। कॉन्क्लेव में आयोजित दो पैनल डिस्कशन में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षा विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के समग्र विकास, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था पर अपने विचार साझा किए।
चर्चा में स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच निरंतर संवाद एवं सहयोग को विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। एसआरएचयू की ‘लाइफ का कंपस सोच को केंद्र में रखते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और जीवन के उद्देश्य के अनुरूप सही दिशा चुनने में सक्षम बनाए। कॉन्क्लेव में इस बात पर सहमति बनी कि भविष्य की शिक्षा विद्यार्थियों को बदलती दुनिया के लिए तैयार करने वाली होनी चाहिए। स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच मजबूत साझेदारी से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, करियर और कौशल के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। एसएमएस निदेशक डॉ.तरुणा गौतम ने कहा कि एसआरएचयू की इस पहल ने प्रदेशभर के स्कूल नेतृत्व और उच्च शिक्षा जगत को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां आज की शिक्षा के माध्यम से कल के बेहतर भविष्य की दिशा तय करने पर सार्थक संवाद हुआ। कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखंड विनोद प्रसाद सेमल्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद राम जायसवाल, एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा एवं कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डॉ.विजेंद्र चौहान, एपी पारिगी, एसएमएस की निदेशक डॉ. तरुणा गौतम, प्रिसिंपल डॉ. ऋत्विक दूबे भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अपूर्व त्रिवेदी और डॉ.श्वेता सेठी ने किया।
Powered by शिक्षा खबर Skillogy
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के बारे में बताया - Danta Ramgarh News

Delhi University students march for women’s safety as police step up school, college audits

Yamuna Nagar News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों की दी जानकारी

From IIT Madras student to IIT director abroad: Meet Preeti Aghalayam, first woman to lead an IIT- Moneycontrol.com

Demand grows for legal education commission to revamp curriculum, funding and course length - The Times of India

How India should recruit and train higher education faculty for the AI era

42% youth in Bhadradri out of work, education: Study | Hyderabad News - The Times of India

Balrampur News: सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू
ताज़ा ख़बरें
- स्कूल शिक्षा ने किए तो बाकी में पेंडेंसी क्यों: 851 दिवंगत कर्मचारियों को अनुकम्पा नियुक्ति दे चुका स्कूल शिक्षा विभाग - Bhopal News
- स्कूल की छुट्टियां: अक्तूबर में कब-कब बंद रहेंगे विद्यालय? गांधी जयंती से दशहरा तक... देखें पूरी लिस्ट
- Delhi University SFI holds Campus Justice March, demands safer spaces for women
- DMIHER gets nod to become Adani Institute of Higher Education and Research | Nagpur News - The Times of India
- Dispute ongoing at 3 DU colleges: Student safety issue at Lady Shri Ram; demand to remove Hindu College principal, scuffle at Motilal Nehru
- Germany’s ‘free’ education can still cost up to Rs 70 lakh: What Indian students miss
- नई शिक्षा नीति के प्रति छात्रों के अभिभावकों को किया जागरूक - Ludhiana News
- झारखंड के सरकारी स्कूलों में राजस्थान मॉडल से चमकेगी शिक्षा की तस्वीर

