विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्य बल की बैठक
विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्य बल की बैठक दुमका में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्य बल की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक प्रतिष्ठा के लिए 75 प्रतिशत अंक अनिवा…

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विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्य बल की बैठक
दुमका में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्य बल की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक प्रतिष्ठा के लिए 75 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। शैक्षणिक और प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा की गई और 7 अक्तूबर से कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया।
दुमका, प्रतिनिधि। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्य बल की बैठक गुरुवार को कुलपति डॉ. कुनूल कांडिर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के समन्वयक शैक्षणिक मामलों के संकायाध्यक्ष डॉ. जैनेंद्र यादव थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सप्तम सत्र से शोध के साथ स्नातक प्रतिष्ठा करने के लिए विद्यार्थी को प्रथम से षष्ठम सत्र तक कुल मिलाकर न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। शोध के साथ प्रतिष्ठा मार्ग के लिए पात्रता निर्धारित करने के लिए संचयी ग्रेड बिंदु औसत पर विचार नहीं किया जाएगा। 75 प्रतिशत से कम कुल अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी इस मार्ग के लिए पात्र नहीं होंगे। सभी संबंधित विद्यार्थियों और प्रधानाचार्यों से इसका अनुपालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। बैठक में सभी संकायों के संकायाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, डॉ. निलेश कुमार तथा डॉ. बसंत कुमार गुप्ता, विद्यार्थी कल्याण निदेशक डॉ. पूनम हेंब्रम, परीक्षा नियंत्रक डॉ. रीना नीलिमा लकड़ा, शोध प्रबंध के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. अनिता चक्रवर्ती, मनीष सोरेन, मनोज कुमार आदि उपस्थित थे。
शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए संकाय की हुई बैठक
दुमका, प्रतिनिधि। सामाजिक विज्ञान संकाय में शोध पाठ्यक्रम कार्य के सुचारु एवं प्रभावी संचालन तथा इससे संबंधित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए संकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संकायाध्यक्ष डॉ. बिजय कुमार ने की। बैठक में शोध पाठ्यक्रम कार्य के पाठ्यक्रम, कक्षाओं के संचालन, शोधार्थियों की नियमित उपस्थिति, शोध पद्धति तथा शोध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के शोध संबंधी नियमों के अनुरूप पाठ्यक्रम कार्य के संचालन तथा शैक्षणिक मानकों के अनुपालन पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने, पाठ्यक्रम कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा शोध कार्य में अकादमिक अनुशासन और मौलिकता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। निर्णय लिया गया कि कहीं कार्यरत शोधार्थी अपनी संस्था से अवकाश स्वीकृति पत्र जमा करेंगे। 7 अक्तूबर से कक्षाएं प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. जय कुमार साह, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. कलानंद ठाकुर, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार दास, भूगोल विभागाध्यक्षा, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. इंद्रनील मंडल, डॉ. राजीव केरकेट्टा, डॉ. गणेश आदि उपस्थित थे। बैठक की सूचना राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अजय सिन्हा ने दी।
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